याहिका ने अब तक अपना खाना अब तक खत्म कर लिया था अब उसे बेहतर महसूस हो रहा था वरना जब उसे भूख लगती थी उसे कुछ ठीक से समझ नहीं आता था लेकिन एकांश के सामने तो उसे कुछ समझ ही नहीं आता था वो उसके सामने खुद को कमजोर महसूस करती थी या उसके सामने गुस्सा हुआ करती थी।
उस एकांश का प्रोफेशन बिल्कुल पसंद नहीं था उसके पापा एक बिजनेस मैन थे तो उसने अलग-अलग तरह के नेता को देखा था और अलग-अलग क्या ज्यादा corrupt ही देखे थे उसने तो उसे ये प्रोफेशन बिल्कुल पसंद नहीं था और ऊपर से एकांश कोई दूध का धुला नेता नहीं था एक दम corrupt है ।


Write a comment ...